Header Ads Widget

Showing posts with the label HindiShow all
geet sandarbh sahit vyakhya
भारतेंदु युग के प्रमुख रचनाकारों का नाम तथा उनका जन्म
प्रगतिवादी युग की दो प्रमुख विशेषताएं बताइए
नीके निरखि नयन भरि शोभा।  पितु पनु सुमिरि बहुरि मनु छोभा।।  अहह तात दारूनि हठ ठानी।   समुझत नहि कछु लाभु न हानी।।
लखन लखेउ रघुबंसमनि, ताकेउ हर कोदंडु।  पुलकि गात बोले बचन, चरन चापि ब्रह्मांडु।।
देखी बिपुल बिकल बैदेही।  निमिष बिहात कलप सम तेहि।।  तृषित बारि बिनु जो तनु त्यागा।  मुए करइ का सुधा तड़ागा।।
कान्ह भये बस बांसुरी के, अब कौन सखी, हमकौं चहिहै।  निसधोस रहे संग - साथ लगीं,यह सौतिन तापन कयौं सहिहै।।
संधि की परिभाषा, भेद व उनके प्रकार
पंचलाइट कहानी का सारांश
लाटी कहानी का सारांश